इस मौसम की सबसे जोरदार बरसात
अबके नहीं आई मुझे तुम्हारी याद ......क्यों?
क्या इसलिए
कि मै
अब तक
अपने घर के निचले तल से
पानी निकालने में व्यस्त था
या फिर अब तक
घर न लौटे भाई की
चिंता सता रही थी मुझे
या फिर इन सबसे अलग
मैंने पहली बार सोचा
कि मै तुम्हे क्यों याद करता हूँ.........
तुम्हारे बारे में क्या कहूं मै, मेरी तमन्नाओं का सिला है. नहीं मिला जो तो मुझको क्या है, मिलेगा तुमको ये आसरा है.
सोमवार, 12 जुलाई 2010
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1 टिप्पणियाँ:
बहुत बढ़िया.
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